Pathit Kavyansh – Kar Chale Hum Fida ,Class 10
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कर चले हम फ़िदा

विडियो – कर चले हम फ़िदा कविता की व्याख्या
विडियो – कर चले हम फ़िदा कविता के एम सी क्यू
आडियो – कर चले हम फ़िदा कविता की व्याख्या
एम एस फ़ॉर्म – कर चले हम फ़िदा
कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
प्रश्न 1- ‘कर चले हम फ़िदा’ गीत के गीतकार कौन हैं ?
(क) कैफ़ी आजमी
(ख) पन्त
(ग) मोहम्मद रफ़ी
(घ) कोई नहीं
प्रश्न 2- देश को किस पर नाज़ है ?
(क) दुश्मन पर
(ख) सैनिको पर
(ग) धन पर
(घ) किसी पर नहीं
प्रश्न 3- ‘साँस थमती गई’ से क्या भाव है ?
(क) मौत का नजदीक होना
(ख) बर्फ़ के पास होना
(ग) बहुत ठंड होना
(घ) हैरान होते गए
प्रश्न 4- सैनिक देश को किसके हवाले कर के जा रहे हैं ?
(क) माता पिता के
(ख) भाई बहनो के
(ग) दोस्तो के
(घ) देश वासियों के
प्रश्न 5- ‘वतन’ का अर्थ है –
(क) अपना देश
(ख) अपना राज्य
(ग) अपनी भूमि
(घ) अपना घर
प्रश्न 6 – यह कविता हमें क्या प्रेरणा देती है ?
(क) देश पर मर मिटने की
(ख) गाना गाने की
(ग) कदम बढ़ाने की
(घ) कोई नहीं
उत्तर 1-(क) कैफ़ी आजमी
उत्तर 2 (ख) सैनिको पर
उत्तर 3-(क) मौत का नजदीक होना
उत्तर 4-(घ) देश वासियों के
उत्तर 5- (क) अपना देश
उत्तर 6-(क) देश पर मर मिटने की
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कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
जिंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर
जान देने की रुत रोज आती नहीं
हुस्न और इश्क दोनों को रुस्वा करे
वो जवानी जो खूँ में नहाती नहीं
आज धरती बनी है दुलहन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
प्रश्न 1– जान देने की रुत्त से क्या भाव है ?
(क) मरने का सही समय
(ख) देश की रक्षा के लिए जान कुर्बान करने का सुअवसर
(ग) बलिदान का समय
(घ) कोई नहीं
प्रश्न 2- जीवन मे कौन-सा समय बार-बार आता है ?
(क) मरने का
(ख) देश के लिए बलिदान देने का
(ग) बचपन का
(घ) जीवित रहने का
प्रश्न 3- ‘हुस्न और इश्क दोनों को रुस्वा’ का अर्थ है–
(क) सौंदर्य और प्रेम को बदनाम करना
(ख) सुंदरता का पुजारी होना
(ग) इश्क में पागल होना
(घ) इनमें से कोई नहीं
प्रश्न 4 – ‘जवानी का खूँ में नहाना’ का अर्थ है–
(क) ख़ून बहाना
(ख) मनुष्यता
(ग) युवावस्था में देश पर बलिदान हो जाना
(घ) प्राणों की कुर्बानी देकर देश की रक्षा की
प्रश्न 5 – इस गीत मे धरती की तुलना किससे की गई है ?
(क) माँ से
(ख) नारी से
(ग) दुल्हन से
(घ) चाँद से
उत्तर 1-(ख) देश की रक्षा के लिए जान कुर्बान करने का सुअवसर
उत्तर 2-(घ) जीवित रहने का
उत्तर 3-(क) सौंदर्य और प्रेम को बदनाम करना
उत्तर 4-(ग) युवावस्था में देश पर बलिदान हो जाना
उत्तर 5-(ग) दुल्हन से
राह कुर्बानियों की न वीरान हो
तुम सजाते ही रहना नए काफ़िले
फतह का जश्न इस जश्न के बाद है
जिंदगी मौत से मिल रही है गले
बाँध लो अपने सर से कफन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
प्रश्न 1- सैनिको के लिये जश्न क्या है ?
(क) देश भक्ति
(ख) देश भक्ति के गीत
(ग) देश के लिये लड़ना
(घ) बलिदान, क़ुर्बानी
प्रश्न 2– ‘ज़िंदगी का मौत से गले मिलना’ का क्या भाव है ?
(क) आत्म हत्या करना
(ख) अपनी खुशी को मारना
(ग) आत्मबलिदान देना
(घ) सभी
प्रश्न 3- कवि अपने साथियों को क्या सलाह देता है?
(क) शत्रु से डर कर भाग जाने की
(ख) शत्रु का मुकाबला न करने की
(ग) शत्रु से हार मान लेने की
(घ) सिर पर कफ़न बाँधने की
प्रश्न 4- ‘साथियो’ संबोधन किसके लिए प्रयोग किया गया है?
(क) शत्रुओं के लिए
(ख) देशवासियों के लिए
(ग) नेताओं के लिए
(घ) बच्चों के लिए
प्रश्न 5- सैनिकों को किस बात की खुशी हो रही है ?
(क) उन्होने अपने देश की शान मे कोई दाग नही लगने दिया
(ख) कि वे बहादुर हैं
(ग) उन्होने दुश्मन को हरा दिया
(घ) किसी बात की नहीं
उत्तर 1-(घ) बलिदान, क़ुर्बानी
उत्तर 2-(ग) आत्मबलिदान देना
उत्तर 3-(घ) सिर पर कफ़न बाँधने की
उत्तर 4-(ख) देशवासियों के लिए
उत्तर 5-(क) उन्होने अपने देश की शान मे कोई दाग नही लगने दिया
खींच दो अपने खूँ से जमीं पर लकीर
इस तरफ आने पाए न रावन कोई
तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे
छू न पाए सीता का दामन कोई
राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
प्रश्न 1- सीता का दामन से क्या भाव है ?
(क) देश की धरती
(ख) देश की नारी
(ग) देश की शान
(घ) साड़ी का पल्लू
प्रश्न 3- अब तुम्हारे हवाले’ में ‘तुम्हारे’ किसके लिए आया है?
(क) कवि के लिए
(ख) नेताओं के लिए
(ग) अन्य सैनिकों और देशवासियों के लिए
(घ) दोस्तों के लिए
प्रश्न 4- ‘ खूँ से ज़मीं पर लकीर खींचने ’ से कवि का आशय है
(क) खून से लकीर खींचना
(ख) अपने रक्त से देश की रक्षा की सीमा रेखा बनाना
(ग) शहीद हो जाना
(घ) प्राण न्योछावर करने को तैयार रहना
प्रश्न 6- ‘सीता का दामन’ अर्थात् –
(क) भारत भूमि की इज्ज़त
(ख) पवित्रता
(ग) सामान्य स्त्रियाँ
(घ) रामायण में वर्णित सीता
प्रश्न 7- ‘राम और लक्ष्मण’ किसे कहा गया है?
(क) सैनिकों तथा कवियों को
(ख) देश के बच्चों को
(ग) देश के वीर सैनिकों और युवाओं को
(घ) रामायण के दोनों पात्रों को
उत्तर 1-(क) देश की धरती
उत्तर 2-(ग) अन्य सैनिकों और देशवासियों के लिए
उत्तर 3-(ख) अपने रक्त से देश की रक्षा की सीमा रेखा बनाना
उत्तर 4-(क) भारत भूमि की इज्ज़त
उत्तर 5-(ग) देश के वीर सैनिकों और युवाओं को
कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई
फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया
कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं
सर हिमालय का हमने न झुकने दिया
मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो
अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो
कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियो
– कैफ़ी आज़मी
( मुख्य बिंदु)
इस गीत की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है,यह गीत सन 1962 के भारत – चीन युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर लिखा गया है। यह गीत बताता है कि किस तरह चीन ने तिब्बत की ओर से युद्ध किया और भारतीय वीरों ने इसका बहदुरी से सामना किया।
‘सर हिमालय का हमने न झुकने दिया ’,इस पंक्ति में हिमालय भारत की आन-बान और शान का प्रतीक है, मान-सम्मान का प्रतीक है ।देश के वीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दे कर भी देश के मान -सम्मान की रक्षा की इस प्रकार हिमालय हमारे स्वाभिमान, वीरता और गौरव का प्रतीक है।
इस गीत में धरती को दुल्हन इसलिए कहा गया है क्योंकि जिस तरह से दुल्हन की रक्षा वर करता है, उसी तरह धरती की रक्षा की ज़िम्मेदारी सैनिक निभा रहे हैं और जिस तरह से दुल्हन को लाल जोड़े में सजाया जाता है उसी तरह सैनिकों ने भी अपने प्राणों का बलिदान देकर धरती को खून से लाल कर दिया है इसीलिए धरती को दुल्हन कहा गया है।
गीत में ऐसी कई ख़ास बातें होती है कि वे जीवन भर याद रह रह जाते हैं –
१ गीत के मधुर सुर, लय एवं ताल उसे स्मरणीय बनते हैं।
२ गीत सामान्य जन-जीवन से जुड़े होते हैं इसलिए जीवन भर याद रह रह जाते हैं ।
३ गीत के सरल बोल और सगितात्मकता के कारण उन्हें याद रखना सरल होता है ।
४ गीतों की भावनात्मकता, सच्चाई,गेयता के गुण उसे प्रभावी बनते हैं
कवि ने ‘साथियों’ शब्द का प्रयोग अन्य सैनिकों और देशवासियों के लिए प्रयोग किया है।
घायल सैनिकों को पूरा भरोसा है कि अन्य सैनिकों और देशवासी कि वे देश कि रक्षा करेंगे और गौरव बनाए रखेंगे। कवि देश की युवाशक्ति के लिए साथियों शब्द का प्रयोग किया है और आजादी की अलख जगाए रखने की प्रेरणा दी है कवि ने ‘साथियों’ शब्द का प्रयोग सैनिक, साथियों और देशवासियों के लिए प्रयोग किया है।
इस कविता में काफ़िले शब्द सैनिकों के समूह के लिए प्रयोग किया गया है । कवि ने देश के नवयुवकों, देशभक्तों, सैनिकों और देशप्रेमियों के क़ाफ़िले को आगे बढ़ाते रहने की बात की कही है। सैनिकों के माध्यम से कवि कहता हैं कि यदि वे शहीद हो जाएँ तो ने देश के नवयुवकों, देशभक्तों, सैनिकों और देशप्रेमियों अनेक समूह तैयार होने चाहिए ताकि दुश्मन देश में ना घुस सके।
‘ सर पर कफ़न बाँधना ‘ का अर्थ है ‘ मौत के लिए तैयार होना। कवि ने इस गीत में देश के लिए मिस्टर मिटने वालों की परम्परा की याद दिलाई है ।सैनिक अपने अंतिम पलों में देशवासियों को सर पर कफ़न बाँधने के लिए कहता है क्योंकि उसने देश की रक्षा में अपने प्राण त्याग दिए है और अब देश की रक्षा का भार देशवासियों पर है।
प्रस्तुत कविता का प्रतिपाद्य पाठकों को देशहित,बलिदान और संघर्ष की प्रेरणा देना है I कविता में देश के सैनिकों की भावनाओं का वर्णन किया गया है। सैनिक कभी भी देश के मान – सम्मान को बचाने से पीछे नहीं हटते, फिर चाहे उन्हें अपनी जान ही क्यों ना गँवानी पड़े। सैनिक चाहते हैं कि उनके बलिदान के बाद देश की रक्षा के लिए सैनिकों की कमी नहीं होनी चाहिए। दुश्मन कभी भी उसके द्वारा खींची गई खून की लक्ष्मण रेखा पार ना कर पाए, इसी उम्मीद से वह देश की रक्षा का भार देशवासियों पर छोड़ कर जा रहें है। सैनिक कहते हैं कि देश पर जान न्योछावर करने के मौके बहुत कम आते हैं, ये क्रम टूटना नहीं चाहिए।
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