Parvat Pradesh Mein Pavas, Pathit Kavyansh
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पर्वत प्रदेश में पावस
पर्वत प्रदेश में पावस

सुमित्रानंदन पंत
विडीओ – पर्वत प्रदेश में पावस कविता की व्याख्या
पावस ऋतु थी, पर्वत प्रदेश ,
पल- पल परिवर्तित प्रकृति- वेश ।
मेखलाकार पर्वत अपार
अपने सहस्र दृग- सुमन फाड़,
अवलोक रहा है बार- बार
नीचे जल में निज महाकार,
जिसके चरणों में पला ताल
दर्पण- सा फैला है विशाल।
प्रश्न 1- “पर्वत प्रदेश मे पावस” कविता के कवि कौन हैं?
(क) मैथिलीशरण गुप्त
(ख) सुमित्रानंदन पंत
(ग) महादेवी वर्मा
(घ) कैफी आज़मी
प्रश्न 2- उपरोक्त पंक्तियों में किस ऋतु का वर्णन किया गया है ?
(क) ग्रीष्म
(ख) वर्षा
(ग) शरद
(घ) शिशिर
प्रश्न 3- पावस ऋतु मे प्रकृति मे कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं ?
(क) बहते हुए झरने मोतियों की लडी जैसे लागते हैं
(ख) बहुत सारे फ़ूल खिलते हैं
(ग) बादल आकर्षक लगते हैं
(घ) सभी
प्रश्न 4 – पर्वत का आकार कैसा है?
(क) ढालदार
(ख) मोती की लड़ियाँ सा
(ग) दर्पण सा
(घ) करघनी के आकार में
प्रश्न 5- मेखलाकार शब्द का क्या अर्थ है ?
(क) करघनी के समान गोल
(ख) गोल सा
(ग) धरती के समान गोल
(घ) चाँद के समान गोल
प्रश्न 6- मेखलाकार शब्द का प्रयोग कवि ने क्यों किया है ?
(क) पर्वत की विशालता और प्रकृति की सुन्दरता दर्शाने के लिए
(ख) विशालता दिखाने के लिए
(ग) सुंदरता दिखाने के लिए
(घ) सुंदरता की विशालता दिखाने के लिए
प्रश्न 7- पर्वत तालाब में स्वयं को किससे देख रहा है?
(क) मेखलाकार से
(ख) मोती की लडियों से
(ग) पुष्प रूपी नेत्रों से
(घ) करघनी से
प्रश्न 8- ‘सहस्त्र दृग सुमन’ से क्या तात्पर्य है ?
(क) हजारो पुष्प
(ख) हजारो पुष्प रूपी आँखे
(ग) हजारो आँखे
(घ) आँखों के लिए
प्रश्न 9- कवि ने तलाब की समानता किसके साथ दिखाई है?
(क) दर्पण से
(ख) पानी से
(ग) जल से
(घ) सरोवर से
प्रश्न 10-कवि ने तलाब को दर्पण जैसा क्यों कहा है ?
(क) क्योंकि दोनों पारदर्शी हैं।
(ख) दोनों में इंसान चेहरा देख सकता है।
(ग) कविता की सुन्दरता बढ़ाने के लिये
(घ) सभी
उत्तर 1-(ख) सुमित्रानंदन पंत
उत्तर 2-(क) ग्रीष्म
उत्तर 3-(घ) सभी
उत्तर 4-(घ) करघनी के आकार में
उत्तर 5-(क) करघनी के समान गोल
उत्तर 6– (क) पर्वत की विशालता और प्रकृति की सुन्दरता दर्शाने के लिए
उत्तर 7-(ग) पुष्प रूपी नेत्रों से
उत्तर 8–(ख) हजारो पुष्प रूपी आँखे
उत्तर 9-(क) दर्पण से
उत्तर 10-(घ) सभी
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गिरि का गौरव गाकर झर -झर
मद में नस- नस उत्तेजित कर
मोती की लड़ियों- से सुंदर
झरते हैं झाग भरे निर्झर।
गिरिवर के उर से उठ- उठ कर
उच्चाकांक्षाओं से तरूवर
है झाँक रहे नीरव नभ पर
अनिमेश, अटल, कुछ चिंता पर।
प्रश्न 1- झरने किसके गौरव का गान कर रहे हैं ?
(क) पर्वत का
(ख) पर्वत की ऊँचाई का
(ग) पर्वत की उच्चता और महानता का
(घ) पर्वत की उच्चता
प्रश्न 2- बहते हुए झरने की तुलना किस से की गई है ?
(क) आँसुओं से
(ख) फूलों से
(ग) मोतियों की लड़ी से
(घ) हारों से
प्रश्न 3-पर्वत के हृदय से उठ कर वृक्ष किसको देख रहे हैं?
(क) आसमान को
(ख) तारो को
(ग) सूरज को
(घ) चाँद को
प्रश्न 4- पर्वत के हृदय से उठ कर वृक्ष आसमान की ओर क्यों देख रहे हैं ?
(क) क्योंकि वे आसमान को निहार रहे है ।
(ख) क्योंकि उनको ऊपर देखना अच्छा लगता है ।
(ग) क्योंकि वे भी आसमान की तरह ऊँचा उठना चाहते हैं ।
(घ) क्योंकि वे सीधे खड़े हैं ।
प्रश्न 5- कविता में ‘शाल’ किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(क) ओढ़ने का गरम कपड़ा।
(ख) एक किस्म की लकड़ी ।
(ग) एक प्रकार का वृक्ष।
(घ) एक पहाड़ का नाम।
प्रश्न 6-‘सभय’ का उचित विलोम होगा –
(क) भयहीन
(ख) निर्भय
(ग) भयमुक्त
(घ) भययुक्त
प्रश्न 7- ऊँचे वृक्ष किस बात को प्रतिबिम्बित करते हैं ?
(क) शान्ति को
(ख) ऊँचे लक्ष्य को
(ग) सभी
(घ) मन की शान्ति को
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प्रश्न 8- शाल के वृक्ष धरती मे क्यों धँस गए ?
(क) धरती के हिलने से
(ख) धरती के घूमने से
(ग) भयानक रूप से
(घ) वर्षा के भयानक रूप से डर कर
प्रश्न 9- आकाँक्षाओं को पाने के लिए किसकी आवश्यकता है?
(क) शान्त मन और चित की एकाग्रता की
(ख) एकाग्रता की
(ग) शान्ति की
(घ) ईश्वर की
प्रश्न 10- ऊँचे वृक्ष आसमाँ की ओर कैसे देखते हैं ?
(क) प्यार से
(ख) ग़ुस्से से
(ग) हँसते हुए
(घ) एकटक
उत्तर 1-(क) पर्वत का
उत्तर 2-(ग) मोतियों की लड़ी से
उत्तर 3-(क) आसमान को
उत्तर 4-(ग) क्योंकि वे भी आसमान की तरह ऊँचा उठना चाहते हैं ।
उत्तर 5-(ग) एक प्रकार का वृक्ष।
उत्तर 6-(ख) निर्भय
उत्तर 7-(ख) ऊँचे लक्ष्य को
उत्तर 8-(घ) वर्षा के भयानक रूप से डर कर
उत्तर 9-(क) शान्त मन और चित की एकाग्रता की
उत्तर 10-(घ) एकटक
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उड़ गया, अचानक लो, भूधर
फड़का अपार पारद के पर।
रव- षेश रह गए हैं निर्झर।
है टूट पड़ा भू पर अंबर।
धॅंस गए धरा में सभय षाल !
उठ रहा धुआँ, जल गया ताल।
यों जलद- यान में विचर -विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।
प्रश्न 1- ‘भूधर’ शब्द का क्या अर्थ है ?
(क) धरती
(ख) पहाड़
(ग) बादल
(घ) गगन
प्रश्न 2- ‘रव-शेष’ रहने से क्या आशय है?
(क) केवल शोर बाकी रह जाना
(ख) केवल पर्वत का अस्तित्व रहना
(ग) केवल बादलों का आकाश में ठहरना
(घ) इंद्र का आकाश में विचरण करना
प्रश्न 3- ‘है टूट पड़ा भू पर अम्बर’ से क्या भाव है ?
(क) बादल बरस गए
(ख) बादल फट गया
(ग) बिजली गिर गई
(घ) बहुत तेज़ और मूसलाधार वर्षा हो रही है ।
प्रश्न 4- भय के कारण कौन धरती में धंसे हुए प्रतीत होते हैं?
(क) ताल के वृक्ष
(ख) शाल के वृक्ष
(ग) घाटियों के वृक्ष
(घ) आम के वृक्ष
प्रश्न 5-अचानक कौन उड़ता हुआ प्रतीत होता है?
(क) झरना
(ख) बादल
(ग) पक्षी
(घ) पहाड़
प्रश्न 6- ‘वारिद’ शब्द का कौन सा पर्याय है –
(क) जलद
(ख) भूधर
(ग) मोघ
(घ) जलज
प्रश्न 7- जादू का खेल कौन दिखा रहा है ?
(क) भूधर
(ख) निर्झर
(ग) इन्द्र
(घ) अंबर
प्रश्न 8- कवि ने ‘इंद्र’ किसे कहा है?
(क) बादल को
(ख) देवता को
(ग) जल को
(घ) नारद को
प्रश्न 9-‘इंद्रजाल’ से कवि का क्या आशय है?
(क) बादल से
(ख) जादूगरी
(ग) देवता के समूह से
(घ) वर्षा से
प्रश्न 10-‘जलदयान’ का क्या अर्थ है?
(क) विमान
(ख) हवाई जहाज
(ग) बादल रूपी विमान
(घ) बादल
प्रश्न 11- जलदयान में विचार विचार का आशय है-
(क) वर्षा रूपी यान में सवार होकर घूमना
(ख) बादल रूपी यान में सवार होकर घूमना
(ग) जल्दी जल्दी यान में सवार होकर घूमना
(घ) हवाई जहाज में सवार होकर घूमना
उत्तर 1-(ख) पहाड़
उत्तर 2-(क) केवल शोर बाकी रह जाना
उत्तर 3-(घ) बहुत तेज़ और मूसलाधार वर्षा हो रही है ।
उत्तर 4-(ख) शाल के वृक्ष
उत्तर 5-(घ) पहाड़
उत्तर 6-(क) जलद
उत्तर 7-(ग) इन्द्र
उत्तर 8–(ख) देवता को
उत्तर 9- ख) जादूगरी
उत्तर 10-(ग) बादल रूपी विमान
उत्तर 11-(ख) बादल रूपी यान में सवार होकर घूमना
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