NCERT Solutions for Kartoose Prashnottar class10 courseB
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कारतूस
कारतूस
PPT पाठ – कारतूस
विडीओ – कारतूस क़हानी के एम सी क्यू
विडीओ – कारतूस क़हानी के प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1 – वज़ीर अली के अफ़साने सुन कर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी ?
उत्तर – वजीर अली एक साहसी, वीर और जाँबाज़ सिपाही था।उसकी बहादुरी के किस्से हर जगह मशहूर थे। रॉबिनहुड भी एक साहसी वीर था और किसी को भी चकमा देने में माहिर था।रॉबिनहुड ने इंग्लैंड में सत्ताधारी सैनिकों को बहुत परेशान किया था, वह उनकी पकड़ में नहीं आता था।
रॉबिनहुड की तरह वजीर अली अंग्रेज़ी सिपाहियों की पकड़ में नही आ रहा था उसने अंग्रेज़ी सरकार की नाक में दम कर रखा था इसलिए वजीर अली के अवसाने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद आ जाती थी।
प्रश्न 2 – सआदत अली कौन था ? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा ?
उत्तर- सआदत अली, अवध के नवाब आसिफुद्दौला का छोटा भाई था।आसिफुद्दौला की कोई संतान नहीं थी।वह सोच रहा था कि बड़े भाई के बाद वहीं अवध का नवाब बनेगा लेकिन वजीर अली के जन्म के साथ ही उसके सारे सपने चूर-चूर हो गए इसलिए उसने वजीर अली की पैदाइश को अपनी मौत समझा और वह अंग्रेजों के साथ मिल गया।
प्रश्न 3 – सआदत अली को अवध के तख़्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था ?
उत्तर- सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का यह मकसद अवध की धन संपत्ति पर अधिकार करना था।सआदत अली अंग्रेजों का मित्र था, वह एक अवसरवादी व्यक्ति था।वह वजीर अली को गद्दी से हटाकर अवध का नवाब बनना चाहता था और कर्नल ने इस बात का फायदा उठाया।अंग्रेजों ने उसे शासक बना कर अवध की आधी संपत्ति, दस लाख रुपये तथा अन्य वस्तुएँ प्राप्त कर ली।सआदत अली को तख्त पर बिठाने से अवध पर कंपनी का अधिकार लगभग निश्चित हो गया।
प्रश्न 4 – कंपनी के वकील का क़त्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाजत कैसे की ?
उत्तर- कंपनी के वकील की हत्या करने के बाद ,वजीर अली अपने जाँनिसरों सहित आजमगढ़ की तरफ भाग गया।आजमगढ़ के शासकों ने वजीर अली और उसके सैनिकों को अपनी सुरक्षा में घाघरा तक पहुँचा दिया है यहाँ से वह गोरखपुर के जंगलों में छिप कर अपनी हिफाजत करता रहा और जंगलों में रहकर वह अपनी शक्ति और बढ़ाने लगा।
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प्रश्न 5 – सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया ?
उत्तर- घुड़सवार के वेश में वजीर अली अंग्रेजों के खेमे में आया और कर्नल उसे पहचान नहीं सका।कर्नल सोच भी नहीं सकता था कि वजीर अली इतनी निडरता से, उसके सामने खेमे में आएगा और वह उससे दस कारतूस लेकर जान बख्श देने की बात कहकर निडरतापूर्वक चला जाएगा।वजीर अली के साहस और मौत के चंगुल से बचने के कारण ही कर्नल हक्का बक्का रह गया।
प्रश्न 6 – लेफ़्टिनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के ख़िलाफ़ सारे हिन्दुस्तान में एक लहर दौड़ गई है ?
उत्तर- कर्नल और लेफ्टिनेंट हिंदुस्तान में अंग्रेजों की स्थिती पर बातचीत कर रहे थे।लेफ्टिनेंट को कर्नल से पता चला कि वज़ीर अली से पहले भी कई लोग इस प्रकार विद्रोह कर चुके हैं।देश में अलग-अलग स्थानों पर राजा एवं नवाब कंपनी का विरोध कर रहे थे।दक्षिण भारत में टीपू सुल्तान अंग्रेजों को भगाने के लिए कटिबद्ध था, उसने अफ़गान शासक शाहेज़मा से मदद माँगी थी।
पूर्व में बंगाल के नवाब का भाई शमसुद्दौला भी अंग्रेजों को पसंद नहीं करता था ,उसने भी शाहेज़मा को आमंत्रित किया था।अवध के पूर्व नवाब, वजीर अली के मन में भी अंग्रेजों के विरुद्ध नफरत कूट-कूटकर भरी हुई थी, वह शाहेज़मा के हमले के इंतजार में था ताकि शाहेज़मा का साथ देकर अंग्रेजों को भारत से खदेड़ सके इसलिए लेफ्टिनेंट को लग रहा था कि सारे हिंदुस्तान में कंपनी के खिलाफ़ एक लहर दौड़ रही है।हिंदुस्तान में चारों ओर से कंपनी के खिलाफ़ युद्ध की तैयारियां आरंभ हो गई है।
प्रश्न 7 – वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का क़त्ल क्यों किया ?
उत्तर- वज़ीर अली एक साहसी, वीर, चतुर और स्वाभिमानी व्यक्ति था।अंग्रेजों ने वज़ीर अली को उसके पद से हटा दिया और बनारस भेज दिया।पेंशन के रूप में तीन लाख रुपये सालाना वज़ीफा तय कर दिया।कुछ महीने बाद गवर्नर जनरल ने उसे कलकत्ता बुलाया परंतु वज़ीर अली वहाँ जाना नहीं चाहता था, इस बात की शिकायत लेकर वह कंपनी के वकील के पास गया और शिकायत की।वकील ने वज़ीर अली की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया बल्कि भला बुरा कहकर उसे अपमानित किया , वज़ीर अली के स्वाभिमान को ठेस पहुँची।अपने अपमान और अंग्रेजों के प्रति घृणा के कारण उसने कंपनी के वकील की हत्या कर दी।
प्रश्न 8 –सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किया ?
उत्तर- सवार जो अपनी जान की परवाह किए बिना कर्नल के खेमे में चलाया था, वह वज़ीर अली ही था। उसने एकांत में कर्नल से मुलाकात की, ऐसे दिखावा किया कि वह स्वयं वज़ीर अली के खिलाफ़ है और वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए उसे कुछ कारतूस चाहिए।कर्नल ने उसे पहचाना ही नहीं और स्वयं अपने हाथों से दस कारतूस उसे दे दिए।इस प्रकार वज़ीर अली कर्नल से कारतूस लेकर वापस घोड़े पर सवार होकर वहाँ से चला गया।
प्रश्न 9 – वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- वज़ीर अली बहुत साहसी, निडर, वीर, हिम्मती और चतुर व्यक्ति था उसके जीवन का एकमात्र उद्देश्य अंग्रेजों को देश से बाहर निकालना था।वह अपनी जान की परवाह किए बिना अंग्रेजों का मुकाबला कर रहा था।अवध की नवाबी छिनने के बाद वह अंग्रेजों का दुश्मन बन गया था।उसके मन में अपना लक्ष्य पाने और अंग्रेजों को भारत से भगाने की भावना प्रबल हो गयी थी।
उसने अपनी शक्ति का विस्तार किया और अंग्रेजों को देश से बाहर निकालने की दृढ़ प्रतिज्ञा कर ली।वजीर अली ने कंपनी के वकील की हत्या के बाद विद्रोह आरंभ कर दिया, अपने शत्रु के खेमे में पहुँच कर उससे कारतूस हासिल करने के बाद , जाते -जाते कर्नल को यह भी बता दिया कि वही वजीर अली है।ऐसा करके उसने सिद्ध कर दिया कि वह एक जाँबाज सिपाही है देश की स्वतंत्रता के लिए अपनी जान न्योछावर करने के लिए भी तत्पर हैं।
प्रश्न 10 – मुठ्ठी भर आदमी मगर ये दमखम। आशय स्पष्ट कीजिए –
उत्तर – इस पंक्ति का आशय यह है कि वज़ीर अली के पास बहुत ही कम सिपाही थे।कर्नल अपनी पूरी फौज के साथ वज़ीर अली का पीछा कर रहा था और वजीर अली उनको सालों से धोखा देकर इन्हीं जंगलों में भटक रहा था परंतु उनकी पकड़ में नहीं आ रहा था।इस पंक्ति में कर्नल द्वारा वज़ीर अली की हिम्मत और बहादुरी की प्रशंसा की गई है ,मुट्ठी भर साथियों के साथ वजीर अली ने अंग्रेजों की नाक में दम कर रखा था।
प्रश्न 11 – गर्द तो ऐसी उड़ रही है जैसे की पूरा एक काफ़िला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता है। आशय स्पष्ट कीजिए –
उत्तर – उपरोक्त पंक्ति लेफ्टिनेंट द्वारा कहा गया कथन है।वज़ीर अली तूफानी शक्ति के साथ अंग्रेजों के खेमे की ओर आ रहा था वह अकेला घोड़े पर सवार होकर आ रहा था लेकिन उसके घोड़े के टापों से उठने वाली धूल इतनी ज्यादा थी कि ऐसा लग रहा था मानो पूरी फौज चली आ रही हो।वजीर अली बहुत साहसी, निडर, वीर, हिम्मती और चतुर व्यक्ति था, अपने साहस जोश व दृढ़ संकल्प के कारण वह अकेला ही क़ाफ़िले के सामान दिखाई दे रहा था।
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